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VedicSpaceपंचांगनासिक › 2026-07-02

नासिक पंचांग — 2 जुलाई 2026

कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · गुरुवार · महाराष्ट्र (19.9975°, 73.7898°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना नासिक (19.9975°, 73.7898°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:59 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वितीयातक 09:38 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा · पाद 4तक 09:27 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगवैधृतितक 04:39 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणगरतक 09:38 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:59 AM
सूर्यास्त07:19 PM
चन्द्रोदय09:18 PM
चन्द्रास्त07:42 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:12 PM – 01:05 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:23 AM – 05:11 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:19 PM – 03:59 PM
गुलिक काल09:19 AM – 10:59 AM
यमगण्ड05:59 AM – 07:39 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त01:59 PM – 02:52 PM
दुर्मुहूर्त05:32 PM – 06:25 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:59 AM – 07:39 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:39 AM – 09:19 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:19 AM – 10:59 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:59 AM – 12:39 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:39 PM – 02:19 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:19 PM – 03:59 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:59 PM – 05:39 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:39 PM – 07:19 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत07:19 PM – 08:39 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:39 PM – 09:59 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:59 PM – 11:19 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:19 PM – 12:39 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:39 AM – 01:59 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:59 AM – 03:19 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:19 AM – 04:39 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:39 AM – 05:59 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle