VedicSpace › पंचांग › नासिक › 2026-11-22
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि, अश्विनी नक्षत्र · रविवार · महाराष्ट्र (19.9975°, 73.7898°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना नासिक (19.9975°, 73.7898°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:47 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष त्रयोदशी | तक 02:37 AM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | रविवार | — | अधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण। |
| नक्षत्र | अश्विनी · पाद 1 | तक 04:15 AM | क्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य। |
| योग | व्यतीपात | तक 11:29 PM | महापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित। |
| करण | कौलव | तक 03:52 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:47 AM |
| सूर्यास्त | 05:54 PM |
| चन्द्रोदय | 03:56 PM |
| चन्द्रास्त | 04:05 AM |
| चन्द्र राशि | मेष |
| सूर्य राशि | वृश्चिक |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| अभिजित मुहूर्त | 11:58 AM – 12:42 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:11 AM – 05:59 AM |
| अमृत काल | 10:20 PM – 11:50 PM |
| राहु काल | 04:30 PM – 05:54 PM |
| गुलिक काल | 03:07 PM – 04:30 PM |
| यमगण्ड | 12:20 PM – 01:43 PM |
| वर्ज्यम् | 01:19 AM – 02:48 AM |
| दुर्मुहूर्त | 04:25 PM – 05:09 PM |
| उद्वेग | 06:47 AM – 08:10 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 08:10 AM – 09:33 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 09:33 AM – 10:57 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 10:57 AM – 12:20 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 12:20 PM – 01:43 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 01:43 PM – 03:07 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 03:07 PM – 04:30 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 04:30 PM – 05:54 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 05:54 PM – 07:30 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 07:30 PM – 09:07 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 09:07 PM – 10:43 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 10:43 PM – 12:20 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 12:20 AM – 01:57 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 01:57 AM – 03:33 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 03:33 AM – 05:10 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 05:10 AM – 06:47 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
यह दिन आपकी कुंडली पर: अपनी कुंडली बनाएँ · मुहूर्त खोजें · मेरा 90-दिन का पंचांग
20 Nov 202621 Nov 202623 Nov 202624 Nov 202625 Nov 202629 Nov 2026
लखनऊदिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरवाराणसीपटना