VedicSpace › पंचांग › नासिक › 2026-12-03
कृष्ण पक्ष दशमी तिथि, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र · गुरुवार · महाराष्ट्र (19.9975°, 73.7898°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना नासिक (19.9975°, 73.7898°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:54 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष दशमी | तक 11:04 PM | पूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | गुरुवार | — | सर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान। |
| नक्षत्र | उत्तरा फाल्गुनी · पाद 4 | तक 09:23 AM | स्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म। |
| योग | प्रीति | तक 09:15 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | वणिज | तक 10:54 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:54 AM |
| सूर्यास्त | 05:55 PM |
| चन्द्रोदय | 01:52 AM |
| चन्द्रास्त | 01:53 PM |
| चन्द्र राशि | कन्या |
| सूर्य राशि | वृश्चिक |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| अभिजित मुहूर्त | 12:02 PM – 12:46 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:18 AM – 06:06 AM |
| अमृत काल | — |
| राहु काल | 01:47 PM – 03:09 PM |
| गुलिक काल | 09:39 AM – 11:01 AM |
| यमगण्ड | 06:54 AM – 08:16 AM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 01:30 PM – 02:14 PM |
| दुर्मुहूर्त | 04:26 PM – 05:10 PM |
| शुभ | 06:54 AM – 08:16 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 08:16 AM – 09:39 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 09:39 AM – 11:01 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 11:01 AM – 12:24 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 12:24 PM – 01:47 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 01:47 PM – 03:09 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 03:09 PM – 04:32 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 04:32 PM – 05:55 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| अमृत | 05:55 PM – 07:32 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 07:32 PM – 09:09 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 09:09 PM – 10:47 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 10:47 PM – 12:24 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 12:24 AM – 02:01 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 02:01 AM – 03:39 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 03:39 AM – 05:16 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 05:16 AM – 06:54 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
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