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VedicSpaceपंचांगनासिक › 2027-01-20

नासिक पंचांग — 20 जनवरी 2027

शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि, मृगशिरा नक्षत्र · बुधवार · महाराष्ट्र (19.9975°, 73.7898°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना नासिक (19.9975°, 73.7898°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:12 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष त्रयोदशीतक 01:12 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रमृगशिरा · पाद 3तक 04:17 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगइन्द्रतक 10:23 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 02:59 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:12 AM
सूर्यास्त06:19 PM
चन्द्रोदय04:01 PM
चन्द्रास्त04:49 AM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:36 AM – 06:24 AM
अमृत काल09:41 AM – 11:06 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:45 PM – 02:08 PM
गुलिक काल11:22 AM – 12:45 PM
यमगण्ड08:35 AM – 09:58 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त12:23 PM – 01:07 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त10:09 AM – 10:54 AM

दिन चौघड़िया

लाभ07:12 AM – 08:35 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:35 AM – 09:58 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:58 AM – 11:22 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:22 AM – 12:45 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:45 PM – 02:08 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:08 PM – 03:32 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:32 PM – 04:55 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:55 PM – 06:19 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:19 PM – 07:55 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:55 PM – 09:32 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:32 PM – 11:08 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:08 PM – 12:45 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:45 AM – 02:22 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:22 AM – 03:58 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:58 AM – 05:35 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:35 AM – 07:12 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle