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VedicSpaceपंचांगनासिक › 2027-02-05

नासिक पंचांग — 5 फ़रवरी 2027

कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · शुक्रवार · महाराष्ट्र (19.9975°, 73.7898°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना नासिक (19.9975°, 73.7898°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:09 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्दशीतक 07:05 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा · पाद 3तक 06:32 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगसिद्धितक 08:33 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणशकुनितक 07:05 PMस्थिर करण — औषधि, मन्त्र; शुभ आरम्भ वर्जित।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:09 AM
सूर्यास्त06:29 PM
चन्द्रोदय06:17 AM
चन्द्रास्त05:23 PM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:26 PM – 01:11 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:33 AM – 06:21 AM
अमृत काल12:30 PM – 02:18 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:24 AM – 12:49 PM
गुलिक काल08:34 AM – 09:59 AM
यमगण्ड03:39 PM – 05:04 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:41 AM – 12:26 PM
दुर्मुहूर्त02:42 PM – 03:27 PM

दिन चौघड़िया

चर07:09 AM – 08:34 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:34 AM – 09:59 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:59 AM – 11:24 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:24 AM – 12:49 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:49 PM – 02:14 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:14 PM – 03:39 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:39 PM – 05:04 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:04 PM – 06:29 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:29 PM – 08:04 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:04 PM – 09:39 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:39 PM – 11:14 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:14 PM – 12:49 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:49 AM – 02:24 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:24 AM – 03:59 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:59 AM – 05:34 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:34 AM – 07:09 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle