VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगनासिक › 2027-02-21

नासिक पंचांग — 21 फ़रवरी 2027

कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि, मघा नक्षत्र · रविवार · महाराष्ट्र (19.9975°, 73.7898°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना नासिक (19.9975°, 73.7898°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:00 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष प्रतिपदातक 02:03 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रमघा · पाद 3तक 01:51 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगअतिगण्डतक 11:27 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबालवतक 03:26 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:00 AM
सूर्यास्त06:37 PM
चन्द्रोदय07:12 PM
चन्द्रास्त07:00 AM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:25 PM – 01:11 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:24 AM – 06:12 AM
अमृत काल12:40 PM – 02:07 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल05:09 PM – 06:37 PM
गुलिक काल03:42 PM – 05:09 PM
यमगण्ड12:48 PM – 02:15 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त05:04 PM – 05:50 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग07:00 AM – 08:27 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:27 AM – 09:54 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:54 AM – 11:21 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:21 AM – 12:48 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:48 PM – 02:15 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:15 PM – 03:42 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:42 PM – 05:09 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:09 PM – 06:37 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:37 PM – 08:09 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:09 PM – 09:42 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:42 PM – 11:15 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:15 PM – 12:48 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:48 AM – 02:21 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:21 AM – 03:54 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:54 AM – 05:27 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:27 AM – 07:00 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle