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VedicSpaceपंचांगनवी मुंबई › 2026-09-20

नवी मुंबई पंचांग — 20 सितम्बर 2026

शुक्ल पक्ष नवमी तिथि, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र · रविवार · महाराष्ट्र (19.033°, 73.0297°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना नवी मुंबई (19.033°, 73.0297°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:26 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष नवमीतक 05:52 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा · पाद 1तक 04:34 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगसौभाग्यतक 03:22 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 05:52 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:26 AM
सूर्यास्त06:36 PM
चन्द्रोदय02:27 PM
चन्द्रास्त12:29 AM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:06 PM – 12:55 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:50 AM – 05:38 AM
अमृत काल11:38 PM – 01:26 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल05:04 PM – 06:36 PM
गुलिक काल03:33 PM – 05:04 PM
यमगण्ड12:31 PM – 02:02 PM
वर्ज्यम्12:54 PM – 02:41 PM
दुर्मुहूर्त04:58 PM – 05:47 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:26 AM – 07:57 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:57 AM – 09:28 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:28 AM – 10:59 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:59 AM – 12:31 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:31 PM – 02:02 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:02 PM – 03:33 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:33 PM – 05:04 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:04 PM – 06:36 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:36 PM – 08:04 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:04 PM – 09:33 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:33 PM – 11:02 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:02 PM – 12:31 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:31 AM – 01:59 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:59 AM – 03:28 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:28 AM – 04:57 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:57 AM – 06:26 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle