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VedicSpaceपंचांगनवी मुंबई › 2026-11-02

नवी मुंबई पंचांग — 2 नवम्बर 2026

कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि, आश्लेषा नक्षत्र · सोमवार · महाराष्ट्र (19.033°, 73.0297°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना नवी मुंबई (19.033°, 73.0297°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:38 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अष्टमीतक 01:11 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रआश्लेषा · पाद 1तक 03:46 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगशुभतक 12:06 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 01:11 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:38 AM
सूर्यास्त06:04 PM
चन्द्रोदय12:15 AM
चन्द्रास्त01:26 PM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:02 AM – 05:50 AM
अमृत काल02:51 AM – 04:24 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:03 AM – 09:29 AM
गुलिक काल01:46 PM – 03:12 PM
यमगण्ड10:55 AM – 12:21 PM
वर्ज्यम्05:32 PM – 07:05 PM
अभिजित मुहूर्त11:58 AM – 12:43 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त03:01 PM – 03:46 PM

दिन चौघड़िया

अमृत06:38 AM – 08:03 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:03 AM – 09:29 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:29 AM – 10:55 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:55 AM – 12:21 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:21 PM – 01:46 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:46 PM – 03:12 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:12 PM – 04:38 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:38 PM – 06:04 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर06:04 PM – 07:38 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:38 PM – 09:12 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:12 PM – 10:46 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:46 PM – 12:21 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:21 AM – 01:55 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:55 AM – 03:29 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:29 AM – 05:03 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:03 AM – 06:38 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle