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VedicSpaceपंचांगनवी मुंबई › 2026-11-20

नवी मुंबई पंचांग — 20 नवम्बर 2026

शुक्ल पक्ष दशमी तिथि, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र · शुक्रवार · महाराष्ट्र (19.033°, 73.0297°)

दिन शुद्धि: आंशिक (2/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना नवी मुंबई (19.033°, 73.0297°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:48 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष दशमीतक 07:16 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रपूर्वाभाद्रपद · पाद 4तक 06:56 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगहर्षणतक 06:40 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 07:16 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:48 AM
सूर्यास्त05:59 PM
चन्द्रोदय02:41 PM
चन्द्रास्त02:16 AM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:01 PM – 12:45 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:12 AM – 06:00 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:59 AM – 12:23 PM
गुलिक काल08:11 AM – 09:35 AM
यमगण्ड03:11 PM – 04:35 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:16 AM – 12:01 PM
दुर्मुहूर्त02:15 PM – 03:00 PM

दिन चौघड़िया

चर06:48 AM – 08:11 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:11 AM – 09:35 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:35 AM – 10:59 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:59 AM – 12:23 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:23 PM – 01:47 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:47 PM – 03:11 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:11 PM – 04:35 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:35 PM – 05:59 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग05:59 PM – 07:35 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:35 PM – 09:11 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:11 PM – 10:47 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:47 PM – 12:23 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:23 AM – 01:59 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:59 AM – 03:35 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:35 AM – 05:11 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:11 AM – 06:48 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle