VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगन्यूयॉर्क › 2025-11-02

न्यूयॉर्क पंचांग — 2 नवम्बर 2025

शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र · रविवार · न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:28 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वादशीतक 07:37 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रपूर्वाभाद्रपद · पाद 4तक 07:33 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगव्याघाततक 01:40 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबवतक 08:55 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:28 AM
सूर्यास्त05:51 PM
चन्द्रोदय04:12 PM
चन्द्रास्त03:41 AM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:18 PM – 01:00 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:52 AM – 06:40 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:33 PM – 05:51 PM
गुलिक काल03:15 PM – 04:33 PM
यमगण्ड12:39 PM – 01:57 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त04:27 PM – 05:09 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग07:28 AM – 08:45 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:45 AM – 10:03 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:03 AM – 11:21 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:21 AM – 12:39 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:39 PM – 01:57 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:57 PM – 03:15 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:15 PM – 04:33 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:33 PM – 05:51 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ05:51 PM – 07:33 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:33 PM – 09:15 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:15 PM – 10:57 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:57 PM – 12:39 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:39 AM – 02:21 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:21 AM – 04:03 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:03 AM – 05:45 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:45 AM – 07:28 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle