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VedicSpaceपंचांगन्यूयॉर्क › 2026-02-27

न्यूयॉर्क पंचांग — 27 फ़रवरी 2026

शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र · शुक्रवार · न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:33 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष एकादशीतक 12:03 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रपुनर्वसु · पाद 2तक 11:05 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगआयुष्मान्तक 09:13 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 12:03 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:33 AM
सूर्यास्त05:45 PM
चन्द्रोदय01:33 PM
चन्द्रास्त04:17 AM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:46 AM – 12:31 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:57 AM – 05:45 AM
अमृत काल09:21 PM – 10:52 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:45 AM – 12:09 PM
गुलिक काल07:57 AM – 09:21 AM
यमगण्ड02:57 PM – 04:21 PM
वर्ज्यम्12:14 PM – 01:45 PM
दुर्मुहूर्त11:01 AM – 11:46 AM
दुर्मुहूर्त02:01 PM – 02:45 PM

दिन चौघड़िया

चर06:33 AM – 07:57 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:57 AM – 09:21 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:21 AM – 10:45 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:45 AM – 12:09 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:09 PM – 01:33 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:33 PM – 02:57 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:57 PM – 04:21 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:21 PM – 05:45 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग05:45 PM – 07:21 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:21 PM – 08:57 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:57 PM – 10:33 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:33 PM – 12:09 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:09 AM – 01:45 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:45 AM – 03:21 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:21 AM – 04:57 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:57 AM – 06:33 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle