VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगन्यूयॉर्क › 2026-04-10

न्यूयॉर्क पंचांग — 10 अप्रैल 2026

कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · शुक्रवार · न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मीन (फाल्गुन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:25 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अष्टमीतक 01:46 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा · पाद 1तक 04:10 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगशिवतक 09:00 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 01:46 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:25 AM
सूर्यास्त07:30 PM
चन्द्रोदय03:00 AM
चन्द्रास्त11:57 AM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिमीन
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:31 PM – 01:23 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:49 AM – 05:37 AM
अमृत काल09:36 PM – 11:21 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:19 AM – 12:57 PM
गुलिक काल08:03 AM – 09:41 AM
यमगण्ड04:13 PM – 05:51 PM
वर्ज्यम्11:08 AM – 12:53 PM
दुर्मुहूर्त11:39 AM – 12:31 PM
दुर्मुहूर्त03:08 PM – 04:00 PM

दिन चौघड़िया

चर06:25 AM – 08:03 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:03 AM – 09:41 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:41 AM – 11:19 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:19 AM – 12:57 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:57 PM – 02:35 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:35 PM – 04:13 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:13 PM – 05:51 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:51 PM – 07:30 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग07:30 PM – 08:51 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:51 PM – 10:13 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:13 PM – 11:35 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:35 PM – 12:57 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:57 AM – 02:19 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:19 AM – 03:41 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:41 AM – 05:03 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:03 AM – 06:25 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle