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VedicSpaceपंचांगन्यूयॉर्क › 2026-04-30

न्यूयॉर्क पंचांग — 30 अप्रैल 2026

शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि, चित्रा नक्षत्र · गुरुवार · न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:56 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्दशीतक 11:43 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रचित्रा · पाद 3तक 04:46 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगवज्रतक 11:25 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणवणिजतक 11:43 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:56 AM
सूर्यास्त07:51 PM
चन्द्रोदय07:17 PM
चन्द्रास्त04:58 AM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:25 PM – 01:21 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:20 AM – 05:08 AM
अमृत काल09:45 AM – 11:29 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:37 PM – 04:22 PM
गुलिक काल09:24 AM – 11:09 AM
यमगण्ड05:56 AM – 07:40 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त02:17 PM – 03:12 PM
दुर्मुहूर्त05:59 PM – 06:55 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:56 AM – 07:40 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:40 AM – 09:24 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:24 AM – 11:09 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:09 AM – 12:53 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:53 PM – 02:37 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:37 PM – 04:22 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:22 PM – 06:06 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ06:06 PM – 07:51 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत07:51 PM – 09:06 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:06 PM – 10:22 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:22 PM – 11:37 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:37 PM – 12:53 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:53 AM – 02:09 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:09 AM – 03:24 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:24 AM – 04:40 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:40 AM – 05:56 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle