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VedicSpaceपंचांगन्यूयॉर्क › 2026-06-17

न्यूयॉर्क पंचांग — 17 जून 2026

शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि, पुष्य नक्षत्र · बुधवार · न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:24 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष तृतीयातक 12:09 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रपुष्य · पाद 1तक 02:02 AMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगध्रुवतक 11:21 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 12:09 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:24 AM
सूर्यास्त08:30 PM
चन्द्रोदय08:06 AM
चन्द्रास्त11:06 PM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त03:48 AM – 04:36 AM
अमृत काल07:35 PM – 09:03 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:57 PM – 02:50 PM
गुलिक काल11:03 AM – 12:57 PM
यमगण्ड07:17 AM – 09:10 AM
वर्ज्यम्10:48 AM – 12:16 PM
अभिजित मुहूर्त12:26 PM – 01:27 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:25 AM – 10:26 AM

दिन चौघड़िया

लाभ05:24 AM – 07:17 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:17 AM – 09:10 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:10 AM – 11:03 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:03 AM – 12:57 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:57 PM – 02:50 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:50 PM – 04:43 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:43 PM – 06:36 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ06:36 PM – 08:30 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग08:30 PM – 09:36 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:36 PM – 10:43 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:43 PM – 11:50 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:50 PM – 12:57 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:57 AM – 02:03 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:03 AM – 03:10 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:10 AM – 04:17 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:17 AM – 05:24 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle