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VedicSpaceपंचांगन्यूयॉर्क › 2026-06-25

न्यूयॉर्क पंचांग — 25 जून 2026

शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि, स्वाती नक्षत्र · गुरुवार · न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°)

दिन शुद्धि: आंशिक (2/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:26 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष एकादशीतक 10:39 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रस्वाती · पाद 4तक 06:59 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगसिद्धतक 02:08 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 10:39 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:26 AM
सूर्यास्त08:32 PM
चन्द्रोदय05:10 PM
चन्द्रास्त01:55 AM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:28 PM – 01:29 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:50 AM – 04:38 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:52 PM – 04:45 PM
गुलिक काल09:12 AM – 11:05 AM
यमगण्ड05:26 AM – 07:19 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त02:29 PM – 03:30 PM
दुर्मुहूर्त06:31 PM – 07:31 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:26 AM – 07:19 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:19 AM – 09:12 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:12 AM – 11:05 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:05 AM – 12:59 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:59 PM – 02:52 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:52 PM – 04:45 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:45 PM – 06:38 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ06:38 PM – 08:32 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत08:32 PM – 09:38 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:38 PM – 10:45 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:45 PM – 11:52 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:52 PM – 12:59 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:59 AM – 02:05 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:05 AM – 03:12 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:12 AM – 04:19 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:19 AM – 05:26 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle