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VedicSpaceपंचांगन्यूयॉर्क › 2026-07-10

न्यूयॉर्क पंचांग — 10 जुलाई 2026

कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · शुक्रवार · न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:34 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष एकादशीतक 07:53 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 1तक 01:33 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगशूलतक 06:20 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबवतक 09:23 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:34 AM
सूर्यास्त08:29 PM
चन्द्रोदय01:28 AM
चन्द्रास्त04:50 PM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:31 PM – 01:31 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:58 AM – 04:46 AM
अमृत काल10:57 PM – 12:24 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:09 AM – 01:01 PM
गुलिक काल07:25 AM – 09:17 AM
यमगण्ड04:45 PM – 06:37 PM
वर्ज्यम्02:14 PM – 03:41 PM
दुर्मुहूर्त11:32 AM – 12:31 PM
दुर्मुहूर्त03:30 PM – 04:30 PM

दिन चौघड़िया

चर05:34 AM – 07:25 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:25 AM – 09:17 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:17 AM – 11:09 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:09 AM – 01:01 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:01 PM – 02:53 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:53 PM – 04:45 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:45 PM – 06:37 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर06:37 PM – 08:29 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग08:29 PM – 09:37 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:37 PM – 10:45 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:45 PM – 11:53 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:53 PM – 01:01 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:01 AM – 02:09 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:09 AM – 03:17 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:17 AM – 04:25 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:25 AM – 05:34 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle