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VedicSpaceपंचांगन्यूयॉर्क › 2026-07-22

न्यूयॉर्क पंचांग — 22 जुलाई 2026

शुक्ल पक्ष नवमी तिथि, स्वाती नक्षत्र · बुधवार · न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:43 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष नवमीतक 09:33 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रस्वाती · पाद 3तक 01:33 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगसाध्यतक 09:12 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 08:36 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:43 AM
सूर्यास्त08:21 PM
चन्द्रोदय03:01 PM
चन्द्रास्त12:26 AM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:07 AM – 04:55 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:02 PM – 02:51 PM
गुलिक काल11:12 AM – 01:02 PM
यमगण्ड07:32 AM – 09:22 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त12:32 PM – 01:31 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:37 AM – 10:35 AM

दिन चौघड़िया

लाभ05:43 AM – 07:32 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:32 AM – 09:22 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:22 AM – 11:12 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:12 AM – 01:02 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:02 PM – 02:51 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:51 PM – 04:41 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:41 PM – 06:31 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ06:31 PM – 08:21 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग08:21 PM – 09:31 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:31 PM – 10:41 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:41 PM – 11:51 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:51 PM – 01:02 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:02 AM – 02:12 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:12 AM – 03:22 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:22 AM – 04:32 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:32 AM – 05:43 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle