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VedicSpaceपंचांगन्यूयॉर्क › 2026-08-18

न्यूयॉर्क पंचांग — 18 अगस्त 2026

शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि, स्वाती नक्षत्र · मङ्गलवार · न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:09 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष षष्ठीतक 08:21 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रस्वाती · पाद 2तक 09:17 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगशुक्लतक 05:53 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 08:21 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:09 AM
सूर्यास्त07:50 PM
चन्द्रोदय12:47 PM
चन्द्रास्त10:26 PM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:32 PM – 01:26 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:33 AM – 05:21 AM
अमृत काल11:55 AM – 01:39 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:24 PM – 06:07 PM
गुलिक काल12:59 PM – 02:42 PM
यमगण्ड09:34 AM – 11:16 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:37 AM – 12:32 PM
दुर्मुहूर्त03:16 PM – 04:11 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:09 AM – 07:51 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:51 AM – 09:34 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:34 AM – 11:16 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:16 AM – 12:59 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:59 PM – 02:42 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:42 PM – 04:24 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:24 PM – 06:07 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:07 PM – 07:50 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल07:50 PM – 09:07 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:07 PM – 10:24 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:24 PM – 11:42 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:42 PM – 12:59 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:59 AM – 02:16 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:16 AM – 03:34 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:34 AM – 04:51 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:51 AM – 06:09 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle