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VedicSpaceपंचांगन्यूयॉर्क › 2026-09-22

न्यूयॉर्क पंचांग — 22 सितम्बर 2026

शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि, श्रवण नक्षत्र · मङ्गलवार · न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°)

दिन शुद्धि: आंशिक (2/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:43 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष एकादशीतक 12:13 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रश्रवण · पाद 2तक 11:39 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगअतिगण्डतक 06:59 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणविष्टि (भद्रा)तक 12:13 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:43 AM
सूर्यास्त06:53 PM
चन्द्रोदय05:07 PM
चन्द्रास्त02:08 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:23 PM – 01:12 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:07 AM – 05:55 AM
अमृत काल01:07 PM – 02:51 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:50 PM – 05:21 PM
गुलिक काल12:48 PM – 02:19 PM
यमगण्ड09:45 AM – 11:16 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:35 AM – 12:23 PM
दुर्मुहूर्त02:49 PM – 03:38 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:43 AM – 08:14 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:14 AM – 09:45 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:45 AM – 11:16 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:16 AM – 12:48 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:48 PM – 02:19 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:19 PM – 03:50 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:50 PM – 05:21 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:21 PM – 06:53 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल06:53 PM – 08:21 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:21 PM – 09:50 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:50 PM – 11:19 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:19 PM – 12:48 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:48 AM – 02:16 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:16 AM – 03:45 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:45 AM – 05:14 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:14 AM – 06:43 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle