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VedicSpaceपंचांगन्यूयॉर्क › 2026-10-28

न्यूयॉर्क पंचांग — 28 अक्टूबर 2026

कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि, रोहिणी नक्षत्र · बुधवार · न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:22 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष तृतीयातक 03:37 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्ररोहिणी · पाद 1तक 01:41 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगवरीयान्तक 06:10 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 03:37 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:22 AM
सूर्यास्त05:57 PM
चन्द्रोदय07:35 PM
चन्द्रास्त10:26 AM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:46 AM – 06:34 AM
अमृत काल12:09 AM – 01:36 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:39 PM – 01:58 PM
गुलिक काल11:20 AM – 12:39 PM
यमगण्ड08:41 AM – 10:00 AM
वर्ज्यम्07:48 PM – 09:15 PM
अभिजित मुहूर्त12:18 PM – 01:00 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त10:11 AM – 10:53 AM

दिन चौघड़िया

लाभ07:22 AM – 08:41 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:41 AM – 10:00 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:00 AM – 11:20 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:20 AM – 12:39 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:39 PM – 01:58 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:58 PM – 03:18 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:18 PM – 04:37 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:37 PM – 05:57 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग05:57 PM – 07:37 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:37 PM – 09:18 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:18 PM – 10:58 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:58 PM – 12:39 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:39 AM – 02:20 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:20 AM – 04:00 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:00 AM – 05:41 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:41 AM – 07:22 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle