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VedicSpaceपंचांगन्यूयॉर्क › 2026-11-22

न्यूयॉर्क पंचांग — 22 नवम्बर 2026

शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि, अश्विनी नक्षत्र · रविवार · न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:51 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष त्रयोदशीतक 04:07 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रअश्विनी · पाद 2तक 05:45 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगव्यतीपाततक 12:59 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणतैतिलतक 04:07 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:51 AM
सूर्यास्त04:33 PM
चन्द्रोदय02:57 PM
चन्द्रास्त04:24 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:22 AM – 12:01 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:15 AM – 06:03 AM
अमृत काल11:57 AM – 01:26 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:20 PM – 04:33 PM
गुलिक काल02:07 PM – 03:20 PM
यमगण्ड11:42 AM – 12:54 PM
वर्ज्यम्02:54 PM – 04:23 PM
दुर्मुहूर्त03:15 PM – 03:54 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:51 AM – 08:03 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:03 AM – 09:16 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:16 AM – 10:29 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:29 AM – 11:42 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:42 AM – 12:54 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:54 PM – 02:07 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:07 PM – 03:20 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:20 PM – 04:33 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ04:33 PM – 06:20 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:20 PM – 08:07 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:07 PM – 09:54 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:54 PM – 11:42 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:42 PM – 01:29 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:29 AM – 03:16 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:16 AM – 05:03 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:03 AM – 06:51 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle