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VedicSpaceपंचांगन्यूयॉर्क › 2026-11-27

न्यूयॉर्क पंचांग — 27 नवम्बर 2026

कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र · शुक्रवार · न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:56 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्थीतक 08:10 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रपुनर्वसु · पाद 1तक 02:20 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगशुभतक 01:21 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 09:41 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:56 AM
सूर्यास्त04:31 PM
चन्द्रोदय07:49 PM
चन्द्रास्त10:18 AM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:24 AM – 12:02 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:20 AM – 06:08 AM
अमृत काल01:06 AM – 02:33 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:31 AM – 11:43 AM
गुलिक काल08:07 AM – 09:19 AM
यमगण्ड02:07 PM – 03:19 PM
वर्ज्यम्04:25 PM – 05:52 PM
दुर्मुहूर्त10:46 AM – 11:24 AM
दुर्मुहूर्त01:19 PM – 01:57 PM

दिन चौघड़िया

चर06:56 AM – 08:07 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:07 AM – 09:19 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:19 AM – 10:31 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:31 AM – 11:43 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:43 AM – 12:55 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:55 PM – 02:07 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:07 PM – 03:19 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:19 PM – 04:31 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग04:31 PM – 06:19 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:19 PM – 08:07 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:07 PM – 09:55 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:55 PM – 11:43 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:43 PM – 01:31 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:31 AM – 03:19 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:19 AM – 05:07 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:07 AM – 06:56 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle