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VedicSpaceपंचांगन्यूयॉर्क › 2026-12-11

न्यूयॉर्क पंचांग — 11 दिसम्बर 2026

शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र · शुक्रवार · न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:10 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष तृतीयातक 03:36 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा · पाद 3तक 04:34 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगवृद्धितक 12:47 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 02:14 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:10 AM
सूर्यास्त04:29 PM
चन्द्रोदय09:33 AM
चन्द्रास्त06:33 PM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:30 AM – 12:08 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:34 AM – 06:22 AM
अमृत काल12:19 PM – 02:07 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:39 AM – 11:49 AM
गुलिक काल08:19 AM – 09:29 AM
यमगण्ड02:09 PM – 03:19 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:53 AM – 11:30 AM
दुर्मुहूर्त01:22 PM – 01:59 PM

दिन चौघड़िया

चर07:10 AM – 08:19 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:19 AM – 09:29 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:29 AM – 10:39 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:39 AM – 11:49 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:49 AM – 12:59 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:59 PM – 02:09 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:09 PM – 03:19 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:19 PM – 04:29 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग04:29 PM – 06:19 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:19 PM – 08:09 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:09 PM – 09:59 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:59 PM – 11:49 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:49 PM – 01:39 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:39 AM – 03:29 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:29 AM – 05:19 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:19 AM – 07:10 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle