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VedicSpaceपंचांगन्यूयॉर्क › 2027-02-20

न्यूयॉर्क पंचांग — 20 फ़रवरी 2027

शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि, मघा नक्षत्र · शनिवार · न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:43 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पूर्णिमातक 06:23 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रमघा · पाद 1तक 03:21 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगअतिगण्डतक 12:57 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणविष्टि (भद्रा)तक 07:55 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:43 AM
सूर्यास्त05:37 PM
चन्द्रोदय05:37 PM
चन्द्रास्त06:23 AM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:48 AM – 12:31 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:07 AM – 05:55 AM
अमृत काल01:53 AM – 03:20 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:26 AM – 10:48 AM
गुलिक काल06:43 AM – 08:04 AM
यमगण्ड01:31 PM – 02:53 PM
वर्ज्यम्05:12 PM – 06:39 PM
दुर्मुहूर्त09:37 AM – 10:21 AM
दुर्मुहूर्त01:59 PM – 02:42 PM

दिन चौघड़िया

काल06:43 AM – 08:04 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:04 AM – 09:26 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:26 AM – 10:48 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:48 AM – 12:10 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:10 PM – 01:31 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:31 PM – 02:53 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:53 PM – 04:15 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:15 PM – 05:37 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ05:37 PM – 07:15 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:15 PM – 08:53 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:53 PM – 10:31 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:31 PM – 12:10 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:10 AM – 01:48 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:48 AM – 03:26 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:26 AM – 05:04 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:04 AM – 06:43 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle