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VedicSpaceपंचांगन्यूयॉर्क › 2027-03-02

न्यूयॉर्क पंचांग — 2 मार्च 2027

कृष्ण पक्ष दशमी तिथि, मूल नक्षत्र · मङ्गलवार · न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:28 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष दशमीतक 06:14 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रमूल · पाद 4तक 08:57 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगसिद्धितक 01:37 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 06:14 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:28 AM
सूर्यास्त05:48 PM
चन्द्रोदय03:29 AM
चन्द्रास्त12:08 PM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:45 AM – 12:30 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:52 AM – 05:40 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:58 PM – 04:23 PM
गुलिक काल12:08 PM – 01:33 PM
यमगण्ड09:18 AM – 10:43 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:00 AM – 11:45 AM
दुर्मुहूर्त02:01 PM – 02:46 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:28 AM – 07:53 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:53 AM – 09:18 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:18 AM – 10:43 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:43 AM – 12:08 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:08 PM – 01:33 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:33 PM – 02:58 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:58 PM – 04:23 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:23 PM – 05:48 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल05:48 PM – 07:23 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:23 PM – 08:58 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:58 PM – 10:33 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:33 PM – 12:08 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:08 AM – 01:43 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:43 AM – 03:18 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:18 AM – 04:53 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:53 AM – 06:28 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle