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VedicSpaceपंचांगन्यूयॉर्क › 2027-03-18

न्यूयॉर्क पंचांग — 18 मार्च 2027

शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि, पुष्य नक्षत्र · गुरुवार · न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मीन (फाल्गुन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:03 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष एकादशीतक 04:21 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रपुष्य · पाद 2तक 05:51 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगअतिगण्डतक 05:04 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणविष्टि (भद्रा)तक 04:21 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:03 AM
सूर्यास्त07:06 PM
चन्द्रोदय02:56 PM
चन्द्रास्त04:47 AM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिमीन
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:40 PM – 01:28 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:27 AM – 06:15 AM
अमृत काल12:58 PM – 02:27 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:34 PM – 04:05 PM
गुलिक काल10:03 AM – 11:34 AM
यमगण्ड07:03 AM – 08:33 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त02:16 PM – 03:05 PM
दुर्मुहूर्त05:29 PM – 06:17 PM

दिन चौघड़िया

शुभ07:03 AM – 08:33 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:33 AM – 10:03 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:03 AM – 11:34 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:34 AM – 01:04 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:04 PM – 02:34 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:34 PM – 04:05 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:05 PM – 05:35 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:35 PM – 07:06 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत07:06 PM – 08:35 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:35 PM – 10:05 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:05 PM – 11:34 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:34 PM – 01:04 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:04 AM – 02:34 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:34 AM – 04:03 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:03 AM – 05:33 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:33 AM – 07:03 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle