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VedicSpaceपंचांगन्यूयॉर्क › 2027-05-05

न्यूयॉर्क पंचांग — 5 मई 2027

कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि, अश्विनी नक्षत्र · बुधवार · न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:50 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्दशीतक 08:47 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रअश्विनी · पाद 3तक 05:02 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगआयुष्मान्तक 02:17 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणशकुनितक 08:47 AMस्थिर करण — औषधि, मन्त्र; शुभ आरम्भ वर्जित।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:50 AM
सूर्यास्त07:56 PM
चन्द्रोदय04:59 AM
चन्द्रास्त07:25 PM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:14 AM – 05:02 AM
अमृत काल09:55 AM – 11:28 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:53 PM – 02:38 PM
गुलिक काल11:07 AM – 12:53 PM
यमगण्ड07:35 AM – 09:21 AM
वर्ज्यम्01:00 PM – 02:33 PM
अभिजित मुहूर्त12:24 PM – 01:21 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:35 AM – 10:32 AM

दिन चौघड़िया

लाभ05:50 AM – 07:35 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:35 AM – 09:21 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:21 AM – 11:07 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:07 AM – 12:53 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:53 PM – 02:38 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:38 PM – 04:24 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:24 PM – 06:10 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ06:10 PM – 07:56 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग07:56 PM – 09:10 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:10 PM – 10:24 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:24 PM – 11:38 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:38 PM – 12:53 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:53 AM – 02:07 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:07 AM – 03:21 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:21 AM – 04:35 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:35 AM – 05:50 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle