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VedicSpaceपंचांगपटना › 2025-08-03

पटना पंचांग — 3 अगस्त 2025

शुक्ल पक्ष नवमी तिथि, विशाखा नक्षत्र · रविवार · बिहार (25.6093°, 85.1376°)

दिन शुद्धि: आंशिक (2/4)विक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना पटना (25.6093°, 85.1376°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:17 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष नवमीतक 09:42 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रविशाखा · पाद 4तक 06:35 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगशुक्लतक 06:24 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 09:42 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:17 AM
सूर्यास्त06:34 PM
चन्द्रोदय01:49 PM
चन्द्रास्त12:14 AM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:28 AM – 12:22 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:41 AM – 04:29 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:54 PM – 06:34 PM
गुलिक काल03:14 PM – 04:54 PM
यमगण्ड11:55 AM – 01:35 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त04:47 PM – 05:40 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग05:17 AM – 06:56 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर06:56 AM – 08:36 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:36 AM – 10:15 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:15 AM – 11:55 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:55 AM – 01:35 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:35 PM – 03:14 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:14 PM – 04:54 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:54 PM – 06:34 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:34 PM – 07:54 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:54 PM – 09:14 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:14 PM – 10:35 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:35 PM – 11:55 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:55 PM – 01:15 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:15 AM – 02:36 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:36 AM – 03:56 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:56 AM – 05:17 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle