VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगपटना › 2026-03-13

पटना पंचांग — 13 मार्च 2026

कृष्ण पक्ष नवमी तिथि, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र · शुक्रवार · बिहार (25.6093°, 85.1376°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना पटना (25.6093°, 85.1376°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:01 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष नवमीतक 06:29 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा · पाद 1तक 03:03 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगव्यतीपाततक 10:31 AMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणगरतक 06:29 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:01 AM
सूर्यास्त05:57 PM
चन्द्रोदय02:08 AM
चन्द्रास्त12:25 PM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:35 AM – 12:22 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:25 AM – 05:13 AM
अमृत काल09:48 PM – 11:34 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:29 AM – 11:59 AM
गुलिक काल07:30 AM – 09:00 AM
यमगण्ड02:58 PM – 04:27 PM
वर्ज्यम्11:18 AM – 01:03 PM
दुर्मुहूर्त10:47 AM – 11:35 AM
दुर्मुहूर्त01:58 PM – 02:46 PM

दिन चौघड़िया

चर06:01 AM – 07:30 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:30 AM – 09:00 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:00 AM – 10:29 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:29 AM – 11:59 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:59 AM – 01:28 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:28 PM – 02:58 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:58 PM – 04:27 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:27 PM – 05:57 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग05:57 PM – 07:27 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:27 PM – 08:58 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:58 PM – 10:28 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:28 PM – 11:59 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:59 PM – 01:29 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:29 AM – 03:00 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:00 AM – 04:30 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:30 AM – 06:01 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle