VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगपटना › 2026-08-05

पटना पंचांग — 5 अगस्त 2026

कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि, अश्विनी नक्षत्र · बुधवार · बिहार (25.6093°, 85.1376°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना पटना (25.6093°, 85.1376°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:18 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष सप्तमीतक 08:42 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रअश्विनी · पाद 2तक 09:18 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगशूलतक 05:29 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणविष्टि (भद्रा)तक 09:27 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:18 AM
सूर्यास्त06:33 PM
चन्द्रोदय10:36 PM
चन्द्रास्त11:14 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त03:42 AM – 04:30 AM
अमृत काल01:36 PM – 03:09 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:55 AM – 01:34 PM
गुलिक काल10:16 AM – 11:55 AM
यमगण्ड06:57 AM – 08:36 AM
वर्ज्यम्04:43 PM – 06:16 PM
अभिजित मुहूर्त11:29 AM – 12:22 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त08:50 AM – 09:43 AM

दिन चौघड़िया

लाभ05:18 AM – 06:57 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत06:57 AM – 08:36 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:36 AM – 10:16 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:16 AM – 11:55 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:55 AM – 01:34 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:34 PM – 03:14 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:14 PM – 04:53 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:53 PM – 06:33 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:33 PM – 07:53 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:53 PM – 09:14 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:14 PM – 10:34 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:34 PM – 11:55 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:55 PM – 01:16 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:16 AM – 02:36 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:36 AM – 03:57 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:57 AM – 05:18 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle