VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगपटना › 2026-08-22

पटना पंचांग — 22 अगस्त 2026

शुक्ल पक्ष दशमी तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र · शनिवार · बिहार (25.6093°, 85.1376°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना पटना (25.6093°, 85.1376°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:25 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष दशमीतक 02:00 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रज्येष्ठा · पाद 3तक 02:49 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगविष्कुम्भतक 06:14 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणतैतिलतक 12:48 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:25 AM
सूर्यास्त06:19 PM
चन्द्रोदय02:24 PM
चन्द्रास्त12:37 AM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:26 AM – 12:17 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:49 AM – 04:37 AM
अमृत काल04:21 AM – 06:09 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:38 AM – 10:15 AM
गुलिक काल05:25 AM – 07:01 AM
यमगण्ड01:28 PM – 03:05 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त08:51 AM – 09:43 AM
दुर्मुहूर्त02:01 PM – 02:52 PM

दिन चौघड़िया

काल05:25 AM – 07:01 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:01 AM – 08:38 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:38 AM – 10:15 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:15 AM – 11:52 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:52 AM – 01:28 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:28 PM – 03:05 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:05 PM – 04:42 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:42 PM – 06:19 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:19 PM – 07:42 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:42 PM – 09:05 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:05 PM – 10:28 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:28 PM – 11:52 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:52 PM – 01:15 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:15 AM – 02:38 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:38 AM – 04:01 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:01 AM – 05:25 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle