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VedicSpaceपंचांगपटना › 2026-10-16

पटना पंचांग — 16 अक्टूबर 2026

शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र · शुक्रवार · बिहार (25.6093°, 85.1376°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना पटना (25.6093°, 85.1376°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:48 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष षष्ठीतक 05:54 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रज्येष्ठा · पाद 4तक 06:47 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगशोभनतक 10:05 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 04:38 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:48 AM
सूर्यास्त05:22 PM
चन्द्रोदय10:57 AM
चन्द्रास्त09:12 PM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:11 AM – 11:58 AM
ब्रह्म मुहूर्त04:12 AM – 05:00 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:08 AM – 11:35 AM
गुलिक काल07:14 AM – 08:41 AM
यमगण्ड02:28 PM – 03:55 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:25 AM – 11:11 AM
दुर्मुहूर्त01:30 PM – 02:16 PM

दिन चौघड़िया

चर05:48 AM – 07:14 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:14 AM – 08:41 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:41 AM – 10:08 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:08 AM – 11:35 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:35 AM – 01:01 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:01 PM – 02:28 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:28 PM – 03:55 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:55 PM – 05:22 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग05:22 PM – 06:55 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:55 PM – 08:28 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:28 PM – 10:01 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:01 PM – 11:35 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:35 PM – 01:08 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:08 AM – 02:41 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:41 AM – 04:14 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:14 AM – 05:48 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle