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VedicSpaceपंचांगपटना › 2026-11-28

पटना पंचांग — 28 नवम्बर 2026

कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र · शनिवार · बिहार (25.6093°, 85.1376°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना पटना (25.6093°, 85.1376°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:16 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्थीतक 06:40 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रपुनर्वसु · पाद 3तक 12:50 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगशुक्लतक 08:18 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 06:40 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:16 AM
सूर्यास्त04:58 PM
चन्द्रोदय09:02 PM
चन्द्रास्त09:57 AM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:15 AM – 11:58 AM
ब्रह्म मुहूर्त04:40 AM – 05:28 AM
अमृत काल10:55 AM – 12:22 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:56 AM – 10:16 AM
गुलिक काल06:16 AM – 07:36 AM
यमगण्ड12:57 PM – 02:17 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त09:07 AM – 09:50 AM
दुर्मुहूर्त01:24 PM – 02:06 PM

दिन चौघड़िया

काल06:16 AM – 07:36 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:36 AM – 08:56 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:56 AM – 10:16 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:16 AM – 11:37 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:37 AM – 12:57 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:57 PM – 02:17 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:17 PM – 03:37 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:37 PM – 04:58 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ04:58 PM – 06:37 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत06:37 PM – 08:17 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:17 PM – 09:57 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:57 PM – 11:37 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:37 PM – 01:16 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:16 AM – 02:56 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:56 AM – 04:36 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:36 AM – 06:16 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle