VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगपटना › 2027-02-10

पटना पंचांग — 10 फ़रवरी 2027

शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र · बुधवार · बिहार (25.6093°, 85.1376°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना पटना (25.6093°, 85.1376°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:28 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्थीतक 03:05 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रउत्तराभाद्रपद · पाद 1तक 04:56 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगसिद्धतक 09:13 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 02:46 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:28 AM
सूर्यास्त05:40 PM
चन्द्रोदय08:22 AM
चन्द्रास्त08:53 PM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:52 AM – 05:40 AM
अमृत काल12:21 AM – 02:02 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:04 PM – 01:28 PM
गुलिक काल10:40 AM – 12:04 PM
यमगण्ड07:52 AM – 09:16 AM
वर्ज्यम्02:15 PM – 03:56 PM
अभिजित मुहूर्त11:41 AM – 12:26 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:27 AM – 10:12 AM

दिन चौघड़िया

लाभ06:28 AM – 07:52 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:52 AM – 09:16 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:16 AM – 10:40 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:40 AM – 12:04 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:04 PM – 01:28 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:28 PM – 02:52 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:52 PM – 04:16 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:16 PM – 05:40 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग05:40 PM – 07:16 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:16 PM – 08:52 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:52 PM – 10:28 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:28 PM – 12:04 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:04 AM – 01:40 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:40 AM – 03:16 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:16 AM – 04:52 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:52 AM – 06:28 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle