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VedicSpaceपंचांगपटना › 2027-03-07

पटना पंचांग — 7 मार्च 2027

कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र · रविवार · बिहार (25.6093°, 85.1376°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना पटना (25.6093°, 85.1376°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:07 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्दशीतक 01:46 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रधनिष्ठा · पाद 4तक 06:42 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगसिद्धतक 03:06 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणशकुनितक 01:46 PMस्थिर करण — औषधि, मन्त्र; शुभ आरम्भ वर्जित।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:07 AM
सूर्यास्त05:54 PM
चन्द्रोदय05:24 AM
चन्द्रास्त05:00 PM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:36 AM – 12:24 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:31 AM – 05:19 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:25 PM – 05:54 PM
गुलिक काल02:57 PM – 04:25 PM
यमगण्ड12:00 PM – 01:28 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त04:19 PM – 05:06 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:07 AM – 07:35 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:35 AM – 09:03 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:03 AM – 10:32 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:32 AM – 12:00 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:00 PM – 01:28 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:28 PM – 02:57 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:57 PM – 04:25 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:25 PM – 05:54 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ05:54 PM – 07:25 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:25 PM – 08:57 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:57 PM – 10:28 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:28 PM – 12:00 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:00 AM – 01:32 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:32 AM – 03:03 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:03 AM – 04:35 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:35 AM – 06:07 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle