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VedicSpaceपंचांगपटना › 2027-03-19

पटना पंचांग — 19 मार्च 2027

शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि, आश्लेषा नक्षत्र · शुक्रवार · बिहार (25.6093°, 85.1376°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मीन (फाल्गुन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना पटना (25.6093°, 85.1376°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:55 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वादशीतक 11:17 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रआश्लेषा · पाद 1तक 01:31 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगसुकर्मातक 11:19 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 12:34 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:55 AM
सूर्यास्त06:00 PM
चन्द्रोदय02:58 PM
चन्द्रास्त03:31 AM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिमीन
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:33 AM – 12:21 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:19 AM – 05:07 AM
अमृत काल11:58 PM – 01:26 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:26 AM – 11:57 AM
गुलिक काल07:25 AM – 08:56 AM
यमगण्ड02:58 PM – 04:29 PM
वर्ज्यम्03:05 PM – 04:34 PM
दुर्मुहूर्त10:45 AM – 11:33 AM
दुर्मुहूर्त01:58 PM – 02:46 PM

दिन चौघड़िया

चर05:55 AM – 07:25 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:25 AM – 08:56 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:56 AM – 10:26 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:26 AM – 11:57 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:57 AM – 01:28 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:28 PM – 02:58 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:58 PM – 04:29 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:29 PM – 06:00 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:00 PM – 07:29 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:29 PM – 08:58 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:58 PM – 10:28 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:28 PM – 11:57 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:57 PM – 01:26 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:26 AM – 02:56 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:56 AM – 04:25 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:25 AM – 05:55 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle