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VedicSpaceपंचांगपटना › 2027-06-07

पटना पंचांग — 7 जून 2027

शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र · सोमवार · बिहार (25.6093°, 85.1376°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना पटना (25.6093°, 85.1376°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 04:58 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष तृतीयातक 03:26 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रपुनर्वसु · पाद 1तक 11:45 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगवृद्धितक 12:58 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 03:26 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय04:58 AM
सूर्यास्त06:39 PM
चन्द्रोदय07:20 AM
चन्द्रास्त09:20 PM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त03:22 AM – 04:10 AM
अमृत काल08:34 PM – 10:00 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल06:40 AM – 08:23 AM
गुलिक काल01:31 PM – 03:13 PM
यमगण्ड10:05 AM – 11:48 AM
वर्ज्यम्11:54 AM – 01:21 PM
अभिजित मुहूर्त11:21 AM – 12:15 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त03:00 PM – 03:54 PM

दिन चौघड़िया

अमृत04:58 AM – 06:40 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:40 AM – 08:23 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:23 AM – 10:05 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:05 AM – 11:48 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:48 AM – 01:31 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:31 PM – 03:13 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:13 PM – 04:56 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:56 PM – 06:39 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर06:39 PM – 07:56 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:56 PM – 09:13 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:13 PM – 10:31 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:31 PM – 11:48 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:48 PM – 01:05 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:05 AM – 02:23 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:23 AM – 03:40 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:40 AM – 04:58 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle