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VedicSpaceपंचांगप्रयागराज › 2026-01-07

प्रयागराज पंचांग — 7 जनवरी 2026

कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि, मघा नक्षत्र · बुधवार · उत्तर प्रदेश (25.4358°, 81.8463°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना प्रयागराज (25.4358°, 81.8463°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:50 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्थीतक 06:53 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रमघा · पाद 4तक 11:56 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगआयुष्मान्तक 06:33 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 06:53 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:50 AM
सूर्यास्त05:28 PM
चन्द्रोदय09:42 PM
चन्द्रास्त09:42 AM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:14 AM – 06:02 AM
अमृत काल10:22 AM – 11:58 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:09 PM – 01:28 PM
गुलिक काल10:49 AM – 12:09 PM
यमगण्ड08:09 AM – 09:29 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त11:47 AM – 12:30 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:40 AM – 10:22 AM

दिन चौघड़िया

लाभ06:50 AM – 08:09 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:09 AM – 09:29 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:29 AM – 10:49 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:49 AM – 12:09 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:09 PM – 01:28 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:28 PM – 02:48 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:48 PM – 04:08 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:08 PM – 05:28 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग05:28 PM – 07:08 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:08 PM – 08:48 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:48 PM – 10:28 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:28 PM – 12:09 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:09 AM – 01:49 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:49 AM – 03:29 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:29 AM – 05:09 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:09 AM – 06:50 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle