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VedicSpaceपंचांगप्रयागराज › 2026-05-02

प्रयागराज पंचांग — 2 मई 2026

कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि, विशाखा नक्षत्र · शनिवार · उत्तर प्रदेश (25.4358°, 81.8463°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना प्रयागराज (25.4358°, 81.8463°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:26 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष प्रतिपदातक 12:50 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रविशाखा · पाद 1तक 07:10 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगव्यतीपाततक 09:44 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणबालवतक 11:49 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:26 AM
सूर्यास्त06:34 PM
चन्द्रोदय07:23 PM
चन्द्रास्त05:20 AM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:33 AM – 12:26 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:50 AM – 04:38 AM
अमृत काल08:51 PM – 10:37 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:43 AM – 10:21 AM
गुलिक काल05:26 AM – 07:04 AM
यमगण्ड01:38 PM – 03:17 PM
वर्ज्यम्10:13 AM – 11:59 AM
दुर्मुहूर्त08:56 AM – 09:48 AM
दुर्मुहूर्त02:11 PM – 03:03 PM

दिन चौघड़िया

काल05:26 AM – 07:04 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:04 AM – 08:43 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:43 AM – 10:21 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:21 AM – 12:00 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:00 PM – 01:38 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:38 PM – 03:17 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:17 PM – 04:55 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:55 PM – 06:34 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:34 PM – 07:55 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:55 PM – 09:17 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:17 PM – 10:38 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:38 PM – 12:00 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:00 AM – 01:21 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:21 AM – 02:43 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:43 AM – 04:04 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:04 AM – 05:26 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle