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VedicSpaceपंचांगप्रयागराज › 2026-07-10

प्रयागराज पंचांग — 10 जुलाई 2026

कृष्ण पक्ष दशमी तिथि, भरणी नक्षत्र · शुक्रवार · उत्तर प्रदेश (25.4358°, 81.8463°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना प्रयागराज (25.4358°, 81.8463°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:19 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष दशमीतक 08:16 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रभरणी · पाद 3तक 01:15 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगधृतितक 07:14 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 08:16 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:19 AM
सूर्यास्त06:57 PM
चन्द्रोदय12:53 AM
चन्द्रास्त02:43 PM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:40 AM – 12:35 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:43 AM – 04:31 AM
अमृत काल08:08 AM – 09:37 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:25 AM – 12:08 PM
गुलिक काल07:01 AM – 08:43 AM
यमगण्ड03:32 PM – 05:14 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:46 AM – 11:40 AM
दुर्मुहूर्त02:24 PM – 03:18 PM

दिन चौघड़िया

चर05:19 AM – 07:01 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:01 AM – 08:43 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:43 AM – 10:25 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:25 AM – 12:08 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:08 PM – 01:50 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:50 PM – 03:32 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:32 PM – 05:14 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:14 PM – 06:57 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:57 PM – 08:14 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:14 PM – 09:32 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:32 PM – 10:50 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:50 PM – 12:08 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:08 AM – 01:25 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:25 AM – 02:43 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:43 AM – 04:01 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:01 AM – 05:19 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle