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VedicSpaceपंचांगप्रयागराज › 2026-09-12

प्रयागराज पंचांग — 12 सितम्बर 2026

शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र · शनिवार · उत्तर प्रदेश (25.4358°, 81.8463°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना प्रयागराज (25.4358°, 81.8463°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:47 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष प्रतिपदातक 07:46 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रउत्तरा फाल्गुनी · पाद 3तक 12:55 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगशुभतक 03:09 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 07:46 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:47 AM
सूर्यास्त06:10 PM
चन्द्रोदय06:47 AM
चन्द्रास्त06:43 PM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:33 AM – 12:23 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:11 AM – 04:59 AM
अमृत काल05:33 AM – 07:08 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:52 AM – 10:25 AM
गुलिक काल05:47 AM – 07:19 AM
यमगण्ड01:31 PM – 03:04 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त09:05 AM – 09:54 AM
दुर्मुहूर्त02:02 PM – 02:51 PM

दिन चौघड़िया

काल05:47 AM – 07:19 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:19 AM – 08:52 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:52 AM – 10:25 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:25 AM – 11:58 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:58 AM – 01:31 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:31 PM – 03:04 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:04 PM – 04:37 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:37 PM – 06:10 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:10 PM – 07:37 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:37 PM – 09:04 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:04 PM – 10:31 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:31 PM – 11:58 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:58 PM – 01:25 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:25 AM – 02:52 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:52 AM – 04:19 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:19 AM – 05:47 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle