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VedicSpaceपंचांगप्रयागराज › 2026-10-26

प्रयागराज पंचांग — 26 अक्टूबर 2026

शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि, अश्विनी नक्षत्र · सोमवार · उत्तर प्रदेश (25.4358°, 81.8463°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना प्रयागराज (25.4358°, 81.8463°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:07 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पूर्णिमातक 09:41 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रअश्विनी · पाद 2तक 05:41 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगवज्रतक 02:17 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबवतक 09:41 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:07 AM
सूर्यास्त05:26 PM
चन्द्रोदय05:25 PM
चन्द्रास्त05:59 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:31 AM – 05:19 AM
अमृत काल11:08 AM – 12:37 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल07:31 AM – 08:56 AM
गुलिक काल01:11 PM – 02:36 PM
यमगण्ड10:21 AM – 11:46 AM
वर्ज्यम्02:06 PM – 03:35 PM
अभिजित मुहूर्त11:23 AM – 12:09 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त02:24 PM – 03:10 PM

दिन चौघड़िया

अमृत06:07 AM – 07:31 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:31 AM – 08:56 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:56 AM – 10:21 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:21 AM – 11:46 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:46 AM – 01:11 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:11 PM – 02:36 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:36 PM – 04:01 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:01 PM – 05:26 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर05:26 PM – 07:01 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:01 PM – 08:36 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:36 PM – 10:11 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:11 PM – 11:46 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:46 PM – 01:21 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:21 AM – 02:56 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:56 AM – 04:31 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:31 AM – 06:07 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle