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VedicSpaceपंचांगप्रयागराज › 2026-12-13

प्रयागराज पंचांग — 13 दिसम्बर 2026

शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · रविवार · उत्तर प्रदेश (25.4358°, 81.8463°)

दिन शुद्धि: आंशिक (2/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना प्रयागराज (25.4358°, 81.8463°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:39 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्थीतक 04:48 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा · पाद 4तक 06:12 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगध्रुवतक 12:14 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 04:48 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:39 AM
सूर्यास्त05:14 PM
चन्द्रोदय09:55 AM
चन्द्रास्त08:50 PM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:35 AM – 12:17 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:03 AM – 05:51 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:54 PM – 05:14 PM
गुलिक काल02:35 PM – 03:54 PM
यमगण्ड11:56 AM – 01:15 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त03:49 PM – 04:31 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:39 AM – 07:58 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:58 AM – 09:17 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:17 AM – 10:37 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:37 AM – 11:56 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:56 AM – 01:15 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:15 PM – 02:35 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:35 PM – 03:54 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:54 PM – 05:14 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ05:14 PM – 06:54 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:54 PM – 08:35 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:35 PM – 10:15 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:15 PM – 11:56 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:56 PM – 01:37 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:37 AM – 03:17 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:17 AM – 04:58 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:58 AM – 06:39 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle