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VedicSpaceपंचांगप्रयागराज › 2027-04-29

प्रयागराज पंचांग — 29 अप्रैल 2027

कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि, श्रवण नक्षत्र · गुरुवार · उत्तर प्रदेश (25.4358°, 81.8463°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना प्रयागराज (25.4358°, 81.8463°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:28 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अष्टमीतक 03:01 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रश्रवण · पाद 2तक 08:30 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगशुभतक 05:42 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 03:01 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:28 AM
सूर्यास्त06:32 PM
चन्द्रोदय01:01 AM
चन्द्रास्त12:00 PM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:33 AM – 12:26 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:52 AM – 04:40 AM
अमृत काल08:18 AM – 10:06 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:38 PM – 03:16 PM
गुलिक काल08:44 AM – 10:22 AM
यमगण्ड05:28 AM – 07:06 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त01:18 PM – 02:10 PM
दुर्मुहूर्त04:47 PM – 05:39 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:28 AM – 07:06 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:06 AM – 08:44 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:44 AM – 10:22 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:22 AM – 12:00 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:00 PM – 01:38 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:38 PM – 03:16 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:16 PM – 04:54 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:54 PM – 06:32 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:32 PM – 07:54 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:54 PM – 09:16 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:16 PM – 10:38 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:38 PM – 12:00 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:00 AM – 01:22 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:22 AM – 02:44 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:44 AM – 04:06 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:06 AM – 05:28 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle