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VedicSpaceपंचांगप्रयागराज › 2027-05-10

प्रयागराज पंचांग — 10 मई 2027

शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि, आर्द्रा नक्षत्र · सोमवार · उत्तर प्रदेश (25.4358°, 81.8463°)

दिन शुद्धि: आंशिक (2/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना प्रयागराज (25.4358°, 81.8463°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:20 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्थीतक 06:23 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रआर्द्रा · पाद 2तक 06:08 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगधृतितक 08:06 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 06:23 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:20 AM
सूर्यास्त06:38 PM
चन्द्रोदय08:41 AM
चन्द्रास्त10:50 PM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त03:44 AM – 04:32 AM
अमृत काल08:14 AM – 09:42 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल06:59 AM – 08:39 AM
गुलिक काल01:38 PM – 03:18 PM
यमगण्ड10:19 AM – 11:59 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त11:32 AM – 12:25 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त03:05 PM – 03:58 PM

दिन चौघड़िया

अमृत05:20 AM – 06:59 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:59 AM – 08:39 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:39 AM – 10:19 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:19 AM – 11:59 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:59 AM – 01:38 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:38 PM – 03:18 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:18 PM – 04:58 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:58 PM – 06:38 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर06:38 PM – 07:58 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:58 PM – 09:18 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:18 PM – 10:38 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:38 PM – 11:59 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:59 PM – 01:19 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:19 AM – 02:39 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:39 AM – 03:59 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:59 AM – 05:20 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle