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VedicSpaceपंचांगप्रयागराज › 2027-05-14

प्रयागराज पंचांग — 14 मई 2027

शुक्ल पक्ष नवमी तिथि, मघा नक्षत्र · शुक्रवार · उत्तर प्रदेश (25.4358°, 81.8463°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना प्रयागराज (25.4358°, 81.8463°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:18 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष नवमीतक 07:39 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रमघा · पाद 3तक 12:42 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगध्रुवतक 08:50 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 08:26 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:18 AM
सूर्यास्त06:40 PM
चन्द्रोदय01:01 PM
चन्द्रास्त01:02 AM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:32 AM – 12:25 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:42 AM – 04:30 AM
अमृत काल09:41 AM – 11:14 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:18 AM – 11:59 AM
गुलिक काल06:58 AM – 08:38 AM
यमगण्ड03:19 PM – 04:59 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:38 AM – 11:32 AM
दुर्मुहूर्त02:12 PM – 03:06 PM

दिन चौघड़िया

चर05:18 AM – 06:58 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ06:58 AM – 08:38 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:38 AM – 10:18 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:18 AM – 11:59 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:59 AM – 01:39 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:39 PM – 03:19 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:19 PM – 04:59 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:59 PM – 06:40 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:40 PM – 07:59 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:59 PM – 09:19 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:19 PM – 10:39 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:39 PM – 11:59 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:59 PM – 01:18 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:18 AM – 02:38 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:38 AM – 03:58 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:58 AM – 05:18 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle