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VedicSpaceपंचांगप्रयागराज › 2027-05-25

प्रयागराज पंचांग — 25 मई 2027

कृष्ण पक्ष पञ्चमी तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · मङ्गलवार · उत्तर प्रदेश (25.4358°, 81.8463°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना प्रयागराज (25.4358°, 81.8463°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:13 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष पञ्चमीतक 01:31 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा · पाद 2तक 01:12 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगशुक्लतक 12:57 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 12:14 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:13 AM
सूर्यास्त06:46 PM
चन्द्रोदय10:58 PM
चन्द्रास्त08:57 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:32 AM – 12:26 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:37 AM – 04:25 AM
अमृत काल05:12 PM – 07:00 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:22 PM – 05:04 PM
गुलिक काल11:59 AM – 01:41 PM
यमगण्ड08:36 AM – 10:17 AM
वर्ज्यम्06:21 AM – 08:10 AM
दुर्मुहूर्त10:38 AM – 11:32 AM
दुर्मुहूर्त02:15 PM – 03:09 PM

दिन चौघड़िया

रोग05:13 AM – 06:54 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:54 AM – 08:36 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:36 AM – 10:17 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:17 AM – 11:59 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:59 AM – 01:41 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:41 PM – 03:22 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:22 PM – 05:04 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:04 PM – 06:46 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल06:46 PM – 08:04 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:04 PM – 09:22 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:22 PM – 10:41 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:41 PM – 11:59 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:59 PM – 01:17 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:17 AM – 02:36 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:36 AM – 03:54 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:54 AM – 05:13 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle