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VedicSpaceपंचांगप्रयागराज › 2027-08-27

प्रयागराज पंचांग — 27 अगस्त 2027

कृष्ण पक्ष दशमी तिथि, मृगशिरा नक्षत्र · शुक्रवार · उत्तर प्रदेश (25.4358°, 81.8463°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना प्रयागराज (25.4358°, 81.8463°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:41 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष दशमीतक 03:25 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रमृगशिरा · पाद 4तक 10:22 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगवज्रतक 04:26 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणविष्टि (भद्रा)तक 03:25 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:41 AM
सूर्यास्त06:27 PM
चन्द्रोदय12:30 AM
चन्द्रास्त02:47 PM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:38 AM – 12:29 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:05 AM – 04:53 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:28 AM – 12:04 PM
गुलिक काल07:16 AM – 08:52 AM
यमगण्ड03:15 PM – 04:51 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:47 AM – 11:38 AM
दुर्मुहूर्त02:11 PM – 03:02 PM

दिन चौघड़िया

चर05:41 AM – 07:16 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:16 AM – 08:52 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:52 AM – 10:28 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:28 AM – 12:04 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:04 PM – 01:39 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:39 PM – 03:15 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:15 PM – 04:51 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:51 PM – 06:27 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:27 PM – 07:51 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:51 PM – 09:15 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:15 PM – 10:39 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:39 PM – 12:04 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:04 AM – 01:28 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:28 AM – 02:52 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:52 AM – 04:16 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:16 AM – 05:41 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle