VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगपुणे › 2025-12-17

पुणे पंचांग — 17 दिसम्बर 2025

कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि, विशाखा नक्षत्र · बुधवार · महाराष्ट्र (18.5204°, 73.8567°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना पुणे (18.5204°, 73.8567°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:00 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष त्रयोदशीतक 02:33 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रविशाखा · पाद 3तक 05:11 PMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगसुकर्मातक 02:16 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 01:16 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:00 AM
सूर्यास्त06:02 PM
चन्द्रोदय04:38 AM
चन्द्रास्त03:44 PM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:24 AM – 06:12 AM
अमृत काल08:17 AM – 10:05 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:31 PM – 01:53 PM
गुलिक काल11:08 AM – 12:31 PM
यमगण्ड08:22 AM – 09:45 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त12:08 PM – 12:53 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:56 AM – 10:40 AM

दिन चौघड़िया

लाभ07:00 AM – 08:22 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:22 AM – 09:45 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:45 AM – 11:08 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:08 AM – 12:31 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:31 PM – 01:53 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:53 PM – 03:16 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:16 PM – 04:39 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:39 PM – 06:02 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:02 PM – 07:39 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:39 PM – 09:16 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:16 PM – 10:53 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:53 PM – 12:31 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:31 AM – 02:08 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:08 AM – 03:45 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:45 AM – 05:22 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:22 AM – 07:00 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle