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VedicSpaceपंचांगपुणे › 2026-12-08

पुणे पंचांग — 8 दिसम्बर 2026

कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि, अनुराधा नक्षत्र · मङ्गलवार · महाराष्ट्र (18.5204°, 73.8567°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना पुणे (18.5204°, 73.8567°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:54 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अमावस्यातक 06:21 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रअनुराधा · पाद 3तक 06:16 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगसुकर्मातक 08:06 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणचतुष्पादतक 05:15 PMस्थिर करण — गोधन, स्थिर कार्य; शुभ आरम्भ हेतु मन्द।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:54 AM
सूर्यास्त05:58 PM
चन्द्रोदय06:17 AM
चन्द्रास्त05:14 PM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:03 PM – 12:48 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:18 AM – 06:06 AM
अमृत काल05:00 AM – 07:40 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:12 PM – 04:35 PM
गुलिक काल12:26 PM – 01:49 PM
यमगण्ड09:40 AM – 11:03 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:19 AM – 12:03 PM
दुर्मुहूर्त02:16 PM – 03:00 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:54 AM – 08:17 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:17 AM – 09:40 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:40 AM – 11:03 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:03 AM – 12:26 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:26 PM – 01:49 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:49 PM – 03:12 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:12 PM – 04:35 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:35 PM – 05:58 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल05:58 PM – 07:35 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:35 PM – 09:12 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:12 PM – 10:49 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:49 PM – 12:26 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:26 AM – 02:03 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:03 AM – 03:40 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:40 AM – 05:17 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:17 AM – 06:54 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle